Home > Delhi NCR > पुराने नोटों से बनेंगी ईंटें-फाइल कवर, 13 साल पहले हुई थी शुरुआत

पुराने नोटों से बनेंगी ईंटें-फाइल कवर, 13 साल पहले हुई थी शुरुआत

November 28, 2016 | By

चलन से बाहर हो चुके 500-1000 रुपए के नोटों से ईंट, फाइल कवर और टी-कोस्टर तैयार किए जाएंगे। आरबीआई 2,300 करोड़ नोटों को नष्ट करेगी। देश में पुराने नोटों को खत्म करने की शुरुआत करीब 13 साल पहले हुई थी। इसके लिए देशभर में 19 सेंटर बनाए गए हैं। नोटों को रिसाइकल करने के लिए लगीं 27 मॉडर्न मशीनें…

capture_1480310696

- 2003 में उस वक्त के रिजर्व बैंक के गवर्नर बिमल जालान ने पुराने-बेकार नोट खत्म करने की शुरुआत की थी।

- इसके लिए ‘करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रोसेसिंग सिस्टम (सीवीपीएस) लॉन्च किया गया था।

- इसके तहत देशभर में 19 जगहों पर पुराने नोटों को खत्म करने के लिए सेंटर बनाए गए।

- हर सेंटर 1 घंटे में 60,000 पुराने नोट खत्म करके इन्हें ईंटों में बदल सकता है।

- यहां पुराने नोट रिसाइकल करके इनसे नए नोट के लिए कागज भी तैयार किया जाता है।

- आरबीआई के इन 19 सेंटर्स पर इस काम के लिए 27 मॉर्डन मशीनें लगी हैं।

ऐसे खत्म होते हैं पुराने नोट

- आरबीआई मशीनों से नोटों को कागज के बारीक टुकड़ों में बदलता है।

- दूसरी मशीन इन टुकड़ों को ईंटों में बदल देती है।

- फिर आरबीआई इन ईंटों को इंडस्ट्रियल यूज के लिए बेच देता है।

- इन ईंटों का इस्तेमाल गड्ढे भरने और सड़कें बनाने में भी होता है।

2 साल में 3,040 करोड़ नोट खत्म कर चुका है आरबीआई

- इस फाइनेंशियल ईयर में आरबीआई को 2,300 करोड़ खराब नोट खत्म करना है।

- 2015-16 में देश में 1,640 करोड़ खराब नोट खत्म किए गए थे।

- 2012-13 में देश में 1,400 करोड़ खराब नोट खत्म किए गए थे।

नोट छापने-खपत में भारत दूसरे नंबर पर

- देश में मार्च 2015 तक 9,000 करोड़ से ज्यादा नोट चलन में थे।

- 28 अक्टूबर तक 17.77 लाख करोड़ रुपए मूल्य के नोट चलन में थे।

- आरबीआई नए नोटों की छपाई पर 2,700 करोड़ रुपए सालाना खर्च करता है।

- देश में पैसों का लेनदेन 98% नगदी में होता है।

दुनिया में क्या होता है पुराने नोटों का

- 1990 तक बैंक ऑफ इंग्लैंड पुराने नोट जलाकर अपनी इमारतें गर्म रखता था। 2000 के बाद से इंग्लैंड में इनसे खाद तैयार की जाती है।

- अमेरिका में सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व पुराने नोटों को बारीक टुकड़ों में काटकर इन्हें आर्टिस्टिक और दूसरे इस्तेमाल के लिए सौंप देता है।

- 2012 में हंगरी के सेंट्रल बैंक ने पुराने नोट जलाए थे, ताकि गरीब लोग सर्दी से बच सकें। इसके बाद ईंटें बनाकर इन्हें ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स को दिया गया।

बैंकों में पहुंचे 6 लाख करोड़ रुपए के पुराने नोट

- नोटबंदी के बाद से बैंकों में करीब 6 लाख करोड़ रुपए के पुराने नोट जमा हो चुके हैं।

- सरकार को 30 दिसंबर तक 10-15 लाख करोड़ रुपए के नोट जमा होने की उम्मीद है।

- बैंकों में इतनी बड़ी मात्रा में रकम जमा होने से लोन सस्ते होने की उम्मीद जागी है।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
About Author
Prop Daily

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>